October-2025
वनिता के फरवरी, 2026 में मिलें वनिता कवर गर्ल कॉन्टेस्ट की फाइनलिस्ट्स से
February 2026
कैंसर के केसेज भारत में ही नहीं, दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि कैंसर नए एपिडेमिक की शक्ल ले चुका है। इस रोग से दुनिया भर में हर साल लगभग 1 करोड़ लोगों की मौत होती है। डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, वाइस चेअरमैन, मनीपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर एंड ऑन्को रोबोटिक सर्जरीज,
दिमाग में एक के बाद एक विचार ऐसे आते हैं, मानो कड़ाही में पॉपकॉर्न के दाने उछल रहे हों, इसी को कहते हैं पॉपकॉर्न ब्रेन। इस समस्या की वजह कहीं सोशल मीडिया तो नहीं। क्या है पॉपकॉर्न ब्रेन जब आप किसी एक विचार या काम में अपना ध्यान एकाग्र ना कर पाते हों तो वह स्थिति पॉपकॉर्न ब्रेन की स्थिति कहलाती है।
बारिश के मौसम में दिल्ली समेत पूरा उत्तर भारत वायरल बुखार की मार झेल रहा है। डॉक्टरों के क्लीनिक बुखार के मरीजों से भरे पड़े हैं। लेकिन मुसीबत अभी और बढ़ने वाली है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बारिश के बाद मच्छरों से होने वाली बीमारियां और तेजी से फैलती हैं। इसलिए मच्छरदानी और मच्छर भगाने के दूसरे सामान
बारिश के मौसम में भीगने का और देर तक पानी में खेलने का आनंद ही कुछ और है। पर भीगने के बाद घर पर और एक बार नहाना जरूर चाहिए। खासतौर पर पैरों को साबुन से धोने की जरूरत है। ऐसा नहीं करने पर पैरों में इन्फेक्शन की परेशानी हो सकती है। पैरों में कई तरह के इन्फेक्शन का खतरा रहता है। किस तरह के इन्फेक्शन
मस्से जिन्हें वॉर्ट भी कहा जाता है, त्वचा पर निकलने वाले छोटे आकार के, कठोर और खुरदरे उभार होते हैं। मस्सों की समस्या काफी आम है और लगभग हर उम्र के लोगों में पायी जाती है। ज्यादातर मस्से दर्दरहित होते हैं, लेकिन कुछ मस्से परेशान करने वाले भी हो सकते हैं। देखा जाए तो सामान्य रूप से मस्से किसी गंभीर
‘‘अरे, तुम लड़के हो कर रोते हो ! कोई सुनेगा तो क्या सोचेगा...’’ ‘‘अरे, दर्द को अंदर ही अंदर पीना सीखो, तुम कोई लड़की नहीं कि जरा सी बात पर टेसुए बहाने लग जाओ..’’ ‘‘भाई, क्या औरतों की तरह रो रहा है, अरे मर्द को दर्द नहीं होता, समझे...’’ ऊपर लिखे चंद डायलॉग्स तकरीबन हर लड़के को बचपन में परिवार या
आंखों को ले कर कवियों-शायरों ने ना जाने कितनी कल्पनाएं कर डाली हैं, ना जाने कितने मुहावरे आंखों पर बनाए गए हैं। वाकई हकीकत यही है कि इसके बिना जीवन सूना है। तो क्यों ना कुदरत से मिले इस बेशकीमती तोहफे को संभाल कर रखें, ताकि ये जिंदगी भर हमें दुनिया दिखाती रहें। आंखों की सेहत कैसे बनी रहे, कभी कोई
बॉडी, माइंड एंड सोल के बीच बेहतर सामंजस्य बिठाना ही हारमोन्स का काम है। ये शरीर के केमिकल मैसेंजर हैं, जो शरीर की हर क्रिया को प्रभावित करते हैं। जानें क्या है इनका काम और कैसे इन्हें संतुलित रखा जा सकता है।
आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी तमाम बीमारियों का डॉन है डाइबिटीज। जान को जोखिम में डाल देने वाले इस रोग को कैसे कंट्रोल में रखें, बता रहे हैं विशेषज्ञ-
लांसेट न्यूरोलॉजी स्टडी के एक अध्ययन के मुताबिक वर्ष 1990 से 2021 के बीच स्ट्रोक के केसेज में 51 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस अध्ययन से यह खुलासा हुआ है कि हर 4 में से 1व्यक्ति स्ट्रोक के खतरे का शिकार है। इस बारे में रमैया मेमोरियल हास्पिटल, के एचओडी और न्यूरोलॉजी के कंसल्टेंट डॉ.
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