October-2025
फेस्टिवल की तैयारियों से जुड़ी विशेष जानकारी पाएं वनिता के अक्तूबर, 2026 अंक में
October 2026
Optimizing your home office with Vastu principles can significantly improve concentration, positive energy, and work efficiency. Key recommendations include choosing the right direction for your workspace, ensuring adequate lighting and ventilation, and maintaining a clutter-free environment. Facing north or east while working is considered auspicious, while electronic devices should ideally be placed in the south-east. Even in smaller homes, creating a dedicated and organized work corner with a strong wall behind the seating arrangement can foster mental stability and productivity.
आजकल बहुत से लोगों को किराए के घर में रहना पड़ता है। इनकी सबसे बड़ी खामी यह होती है कि आप इन घरों में अपनी मर्जी से बदलाव नहीं करवा सकते। कई बार इन घरों में वास्तु दोष भी होता है, जिसकी वजह से मन में ऊर्जा का असंतुलन महसूस होता है। मानसिक बेचैनी, नींद की समस्या, परिवार में बार-बार झगड़े या आर्थिक
परिवार में खुशियां बनी रहें, सभी पारिवािरक सदस्य अपना खाना खुशी और तृप्ति के साथ खाएं, इसके लिए वास्तुविद और न्यूमेरोलॉजिस्ट मान्या अदलखा की सलाह-
भवन का ब्रह्मस्थान अगर साफ-सुथरा होगा, तो घर के हर काम में मंगल ही मंगल होगा। अगर भवन का ब्रह्मस्थान सही होता है, तो उस जगह पर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा, लोग स्वस्थ रहेंगे और घर धनधान्य से भरा रहेगा।
लिविंग रूम की डेकोरेशन वास्तु के हिसाब से ऐसी करें कि उसमें बैठ कर घर व बाहर के लोगों के साथ हंसी-खुशी के कुछ पल बिताने का मन करे। आपकी मदद करने के लिए कुछ टिप्स-
वास्तुविद् नरेश सिंगल के अनुसार घर के लिए रंगों के चुनाव से घर में पॉजिटिव माहौल अाता है। काम में तरक्की मिलती है। घर को कलर करवाना हो या फिर अपने आशियाने के लिए डेकोरेटिव आइटम्स चूज करना या फिर नए परदे लगवाना, सही रंग चुनेंगे, तो सही दिशा में आगे बढ़ेंगे। 1. जिन लोगों का भाग्यांक 1 होता है
वास्तुशास्त्र की मानें, तो घर के हर कोने और कमरों की संरचना का असर उसमें रहने वालों पर पड़ता है चाहे वह पूजाघर हो या शयनकक्ष, रसाेईघर या फिर स्नानघर और टॉयलेट, बाथरूम का वास्तु ठीक करने के कुछ टिप्स जानें-
दांपत्य जीवन सुखद बना रहे अौर नवविवाहित फलते-फूलते रहें, इसके लिए कुछ खास बातों पर ध्यान दें— - नए जोड़े के लिए जब सुहागरात कक्ष का चयन किया जा रहा हो, तो घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा का कमरा चुनें। जोड़े के बीच अात्मीयता कायम होगी। <br> - दक्षिण-पश्चिम दिशा में कमरा बनाना संभव नहीं हो, तो
जिन घरों में खुशी-शांति रहती है, भाग्य की देवी ‘श्री’ भी वही निवास करती हैं। चाणक्य ने अपने नीतिशास्त्र में कहा है कि जहां मूर्खों की प्रशंसा नहीं होती, अनाज को उचित ढंग से संरक्षित किया जाता है, पति-पत्नी में झगड़े नहीं होते वहीं पर भाग्य की देवी श्री निवास करती हैं। कई बार हम यह नहीं समझ पाते कि
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