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कई बार तर्क आस्था के सामने घुटने टेक देता है। और बात जब अपने देश भारत की हो, तो यह संयोग आपको अकसर देखने को मिलता होगा। हमारे देश में कई प्राकृतिक स्थल ऐसे हैं, जहां पर होने वाली घटनाओं को विज्ञान बेशक मानने से इंकार कर दे, लेकिन उनका कोई उचित विवरण भी नहीं दे पाया है। सुनी-सुनायी बातें कहें, आंखों का धोखा कहें या फिर मति भ्रम ही कह लें, लेकिन लोगों की आस्था इन सब पर भारी होती है। वृंदावन में स्थित निधिवन भी ऐसी ही रहस्य-रोमांच से भरी जगह है, जिसके बारे में कहा जाता है कि रोज रात को आज भी स्वयं भगवान कृष्ण गोपियों के साथ रास रचाते हैं। कृष्ण और राधा के जीवन से जुड़े किस्से-कहानियों के गवाह हैं मथुरा और वृंदावन के कुंज-गलिन।

Vrindavan, Uttar Pradesh,India -January 10th, 2024-View of Nidhi Van in Vridavan Uttar Pradesh.
View of Nidhi Van in Vridavan Uttar Pradesh.

मथुरा में द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन करने के बाद जब यमुना के घाट पर पहुंचते हैं और यह पता चलता है कि यही वह जगह है, जहां कृष्ण ने कंस वध के बाद आ कर विश्राम और स्नान किया था या फिर जन्मभूमि मंदिर में जा कर जब आप वह जगह देखते हैं, जहां दाऊ जी और कृष्ण ने जन्म लिया था, तो रोंगटे खड़े होना स्वाभाविक सी बात है। मथुरा के बाद वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने के बाद निधिवन की तरफ बढ़ चलें, क्योंकि शाम होने से पहले आपको वहां से वापिस भी आना है। निधिवन ही वह जगह है, जिसके कण-कण में रहस्य रोमांच लिपटा हुआ है। एक खास आकार में मुड़े हुए तुलसी के पौधों से भरा हुआ है यह सघन वन, जिसमें चलते हुए आपको आध्यात्मिक अनुभूति होगी। साथ ही दिल में यह विचार भी आएगा कि क्या सच में रात होते ही ये पौधे गोपियां बन जाते हैं। अगर हां, तो इनमें से कौन सी गोपी कृष्ण को सबसे प्रिय होगी, कोई तो होगी,जो राधा रानी के लिए ईर्ष्या का कारण बनती होगी?

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कौन हैं स्वामी हरिदास

Krishna Temple at the Keshi Ghat on Yamuna river in Vrindavan near Mathura city in Uttar Pradesh state of India
Krishna Temple at the Keshi Ghat on Yamuna river in Vrindavan near Mathura

दरअसल, निधिवन के रहस्य की मूल कथा यहां पर रहने वाले स्वामी हरिदास से जुड़ी है। हजारों साल पहले वे इस जगह पर रह कर ध्यान किया करते थे और अपने प्रियतम यानी बांके बिहारी को प्रसन्न करने के लिए भजन कीर्तन किया करते थे। ऐसा माना जाता है कि राधा-कृष्ण ने उन्हें युगल रूप में दर्शन दिए थे और हरिदास के अनुरोध पर ही उन्होंने बांके बिहारी का रूप धरा और तब से ब्रज में वे इस रूप में पूजे जाने लगे। स्वामी हरिदास जी की समाधि भी यहीं पर आप देख सकते हैं।

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रासलीला की तैयारी

Nidhivan, is one of the sacred sites of Vrindavan, situated in the Mathura district, Uttar Pradesh, India
Nidhivan, is one of the sacred sites of Vrindavan

निधिवन में तुलसी के पौधों को आप दो-दो के जोड़ों में त्रिभंग मुद्रा में मुड़ा हुआ पाएंगे। ऐसा माना जाता है कि हर युगल पौधा रात होते ही गोपियां बन जाता है। यहां के पेड़ भी खास आकार में मुड़े व छोटे कद के होते हैं। यहां के मंदिर में शाम को आरती के बाद किसी को रुकने की इजाजत नहीं है। यहां तक कि सूरज डूबते ही सारा दिन उत्पात मचाने वाले बंदर, पक्षी, कीड़े-मकोड़े भी यहां आस पास नहीं फटकते। मुख्य मंदिर के रंग महल में राधा-कृष्ण के शयन की सारी तैयारियां कर दी जाती हैं, जिसमें शामिल है पानी से भरा जग, दूध, पान, नीम की दातुन, लड्डू आदि।

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अंधेरा होते ही बांके बिहारी और राधा रानी गोपियों के साथ रासलीला करने यहां आते हैं और इसी कक्ष में विश्राम करते हैं। सुबह जब ताला खोला जाता है, तो साफ पता चलता है कि कोई यहां पर सो कर गया है। दातुन व पान चबाए हुए मिलते हैं, चादर पर सिलवटें पड़ी हुई होती हैं, सामान बिखरा हुआ मिलता है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि रात को वे दूर से निधिवन से रोशती व संगीत की आवाज आते हुए देखते-सुनते हैं। हालांकि यह माना जाता है कि जो व्यक्ति रात को यहां रुकता है, वह अंधा, गूंगा, बहरा या फिर पागल हो जाता है। इन बातों में कितनी सचाई है, इस बारे में आज तक कोई साफ-साफ नहीं बता पाया है। पर यहां पर रहने वाले लोग शाम को 7 बजे के बाद निधिवन की तरफ देखते भी नहीं हैं। यहीं पर विशाखा कुंड भी है, जिसे भगवान कृष्ण ने अपनी बांसुरी से खोदा था।

निधिवन में जाने का समय आप जो भी रखें, पर यह सोच कर वहां पर जाएं कि संध्या आरती के बाद आपको वहां से वापिस ही आना होगा, इसलिए अपने रुकने का इंतजाम वृंदावन या मथुरा में करें। इन दोनों ही जगहों पर देखने के लिए बहुत कुछ है। वृंदावन का प्रेम मंदिर शाम होने पर रंगबिरंगी रोशनियों से जगमगा उठता है, वहीं इस्कॉन मंदिर भी काफी खूबसूरती से बनाया गया है। इसके अलावा यहां पर खाने-पीने का आनंद लेना ना भूलें। लस्सी, पूरी, कचौड़ी, टिक्की चाट और पेड़े, इन्हें खाए बिना तो आपका ट्रिप पूरा ही नहीं हो सकता।

Street view of the Prem Mandir is a Hindu temple dedicated to Shri Radha Krishna in Vrindavan near Mathura city in Uttar Pradesh state of India
Prem Mandir, Vrindavan

यहां पहुंचने के लिए सभी छोटे-बड़े शहरों से आपको ट्रेन व बस आराम से मिल जाएगी।

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