ऐसा शायद ही कोई व्यक्ति होगा, जिसने अपना अकाउंट किसी बैैंक या पोस्ट ऑफिस में ना खुलवा रखा हो। कई बार जिम्मेदारी को साझा करने के लिए जॉइंट अकाउंट या संयुक्त खाते खुलवाने की जरूरत पड़ती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के प्रावधानों के अनुसार, जिस बैंक में आप बचत खाता खुलवा सकते हैं, उसी बैंक में जॉइंट अकाउंट भी खुलवा सकते हैं। जॉइंट बैंक अकाउंट दो लोग या दो से अधिक एक साथ खुलवा सकते हैं। कुछ बैंक इसकी सीमा 4 लोगों तक रखते हैं। इस अकाउंट को सभी लोग ऑपरेट कर सकते हैं, जिनके नाम से खाता खुला है। बैंक हर खाताधारक के लिए उनके नाम के साथ अलग-अलग डेबिट कार्ड इशू कर सकता है। पोस्ट ऑफिस में भी जॉइंट अकाउंट खुलवाया जा सकता है।
शिनहन बैंक, नयी दिल्ली में डिप्टी मैनेजर रोबिन किशोर बता रहे हैं कि जॉइंट अकाउंट के क्या फायदे हैं और इसे कैसे खुलवा सकते हैं-
कैसे खुलवाएं
जॉइंट अकाउंट पति-पत्नी, बिजनेस पार्टनर या परिवार के सदस्यों के साथ खुलवाया जा सकता है। अगर आपका पहले से बचत खाता है, तो उसमें किसी का नाम जुड़वा कर उसे जॉइंट अकाउंट के रूप में चला सकते हैं। जितने लोगों के नाम से अकाउंट खुलवाना है, उन सभी लोगों के आईडी कार्ड, एड्रेस प्रूफ व फोटो बैंक में जमा करने होंगे। केवाईसी और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैंक जॉइंट अकाउंट खोल देते हैं। कुछ बैंक अकाउंट खोलने से पहले किसी अकाउंट होल्डर की गारंटी भी मांगते हैं। आप अकाउंट ओपनिंग फॉर्म में जिसका नाम पहले लिखेंगे, वही प्राइमरी अकाउंट होल्डर होगा, दूसरा सेकेंडरी अकाउंट होल्डर होगा। आप जिस बैंक में जॉइंट अकाउंट खुलवा रहे हैं, वहां के बैंक अधिकारी से खाते की पूरी जानकारी ले लें।
ऑपरेट करने के नियम
- आप जॉइंट अकाउंट चलाने के विकल्प चुन सकते हैं। सामान्य संयुक्त खाते को वे सभी व्यक्ति चला सकते हैं, जिनके नाम से खाता है। आप चाहें, तो केवल प्राइमरी अकाउंट होल्डर को ही अकाउंट ऑपरेट करने का अधिकार मिलेगा। यदि दो लोगों का अकाउंट है, तो एक की मृत्यु हो जाने की स्थिति में दूसरा खाताधारक अकाउंट ऑपरेट कर सकता है। इसके लिए उसे पहले खाताधारक का मृत्यु प्रमाण पत्र और सेल्फ डिक्लरेशन जमा करना होगा, ताकि बैंक उसे खाता चलाने का अधिकार दे।
- अगर जॉइंट अकाउंट दो से अधिक व्यक्ति खुलवाते हैं, तो इसे कोई भी ऑपरेट कर सकता है। किसी एक खाताधारक की मृत्यु हो जाने पर अन्य खाताधारक इस अकाउंट को चालू रख सकते हैं।
- आप अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ भी जॉइंट अकाउंट खुलवा सकते हैं, इसमें आपको खाता ऑपरेट करना होगा।
- जॉइंट अकाउंट पर नॉमिनेशन की सुविधा भी मिलती है। फिलहाल ऐसे खाते में एक ही नॉमिनी चुनने का प्रावधान है। नॉमिनी ना होने की स्थिति में किसी एक खाताधारक की मृत्यु होने पर अकाउंट में जमा रकम अन्य खाताधारकों और मृत खाताधारक के कानूनी वारिस में बराबर बांट दी जाती है।
पति-पत्नी के लिए फायदेमंद
पति-पत्नी दोनों वर्किंग हों या किसी एक पार्टनर की इनकम ना हो, जॉइंट अकाउंट खुलवाना बेहतर रहता है। घर-गृहस्थी चलाते हुए पैसों की जरूरत कभी भी आ सकती है, ऐसे में जॉइंट अकाउंट होने पर पैसों के लिए पार्टनर का इंतजार नहीं करना पड़ता। इसका एक फायदा यह भी है कि दोनों को अपनी बचत और आर्थिक हैसियत का पता रहता है।