दिन 30 जुलाई, 2026 जगह : ब्रॉड पीक, गिलगिट बाल्टिस्तान, पाकिस्तान - यह दिन और इस पीक को माउंटेनियरिंग के इतिहास का डार्क डे माना जाएगा। ब्रॉड पीक पर आए खतरनाक बर्फीले तूफान ने दुनिया के बेहतरीन 10 क्लाइंबर्स को छीन लिया।
इस एवलांच में दुनिया ने अपना सबसे अनमोल, नामुमकिन शब्द को ना मानने वाले एक्स्ट्रीम एथलीट को खो दिया। निर्मल पुर्जा जिन्हें निम्स दाई के नाम से भी जाना जाता है, नेपाली और ब्रिटिश माउंटेिनयर थे। माउंटेिनयरिंग शुरू करने से पहले वे ब्रिटिश आर्मी में गुरखा ब्रिगेड का हिस्सा रहे और फिर स्पेशल बोट सर्विस में भी रहे जो की रॉयल नेवी की स्पेशल फोर्स है।
निर्मल पुर्जा, अपने नामुमकिन रिकार्ड के लिए जाने गए। उन्होंने साल 2023 में सभी 8 हजार मीटर से ऊंचे सभी 14 पहाड़ों की चढ़ाई 6 महीने 6 दिनों में पूरी की थी। पुराना रिकार्ड 8 साल था जिसे तोड़ कर निम्स दाई ने अपना 6 महीने 6 दिन का रिकार्ड कायम किया।
माउंट एवरेस्ट, लोहत्से और मकालू तीनों पहाड़ों को 48 घंटे में चढ़ने का भी रिकार्ड बनाया और के2 पर भी सर्दियों की पहली चढ़ाई उन्होंने की थी।
निर्मल पुर्जा को दुनिया के सबसे बेहतरीन पर्वतारोही और मॉडर्न माउंटेनियरिंग का पायनियर भी माना जाता है। निम्स दाई की किताब- बियॉन्ड पॉसिबल और डॉक्यूमेंट्री 14 पीक्स : नथिंग इज इंपॉसिबल भी उनके फॉलोअर्स के लिए कल्ट क्लासिक्स हैं।
निम्स दाई अपने साथियों और फैंस के इतने चहेते थे और उनका जादू किस कदर लोगों के सिर चढ़ कर बोलता था, इस बात का अंदाजा इसी से लगता है कि चार दिनों तक उनके शव की तलाश जारी रही और जब तक उनके और उनके साथियों के शव नहीं मिल गए, सभी को यही लगता रहा कि पता नहीं किस क्षण निर्मल ब्रॉड पीक की चोटी को फतह करने का संदेश दुनिया तक पहुंचा दें। लोग तो यही समझते थे कि किसी बर्फीले तूफान में इतनी ताकत नहीं कि निम्स दाई को अपनी यात्रा रोकनी पड़े। लेकिन नियती को कुछ और ही मंजूर था।
निर्मल पुर्जा के जाने का शोक नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के साथ रॉयलटी, ग्लोबल लीर्डस और उनके साथी माउंटेनियर्स ने मनाया। प्रिंस विलियम, किंग चार्ल्स-3, इटैलियन माउंटेनियर राइनहोल्ड मेसनर और बियर ग्रिल्स ने श्रद्धांजलि दी है।