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1 फरवरी 2026 को संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बजट पेश किया, जो विकास, निवेश और सामाजिक-आर्थिक सुधार पर केंद्रित रहा। केंद्रीय बजट 2026–27 में सरकार ने वृद्धि, रोजगार और निवेश को स्थिर बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि लगभग 10% अनुमानित है, जबकि राजकोषीय घाटा 4.3% पर बनाए रखने का वादा किया गया है। इस बजट में विकास, निवेश, रोजगार और तकनीकी प्रगति को प्राथमिकता दी गयी है। बजट की मुख्य बातों पर एक नजर -

कर और आम आदमी पर प्रभाव

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इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, जिससे मध्यम वर्ग के टैक्सपेयर को राहत नहीं मिली।

  • सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी की गई है, खासकर फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर, जिससे शेयर बाजार की गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा।

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    आयकर रिटर्न संशोधन की समय सीमा 31 मार्च तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे टैक्सपेयर्स को अधिक समय मिलेगा।

  • कुछ कैंसर से जुड़ी दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी में छूट जैसे उपाय भी लागू किए गए हैं, जो स्वास्थ्य खर्च में राहत दे सकते हैं।

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    बुनियादी ढांचा और पूंजीगत व्यय

    बजट ने अभी तक के सबसे अधिक पूंजीगत व्यय का संकेत दिया है। कुल पूंजीगत व्यय लगभग ₹12.2 लाख करोड़ (4.4% GDP) रखा गया है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट शहर और सब-नेशनल विकास योजनाओं को मजबूती देगा।

  • देश भर में 7 नए हाई-स्पीड रेल मार्ग की घोषणा की गयी है, जिससे आवागमन की गति और कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

    कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और एमएसएमई

    कृषि क्षेत्र के लिए ₹1.63 लाख करोड़ रुपये का भारी आवंटन किया गया है, खासकर उच्च मूल्यों वाली फसलों और ग्रामीण रोजगार योजनाओं पर।

  • कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में तकनीकी इनोवेशन और स्थिर उत्पादन पर जोर दिया गया है।

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    Courtesy : manoramaonline.com

    लघु और मध्यम उद्योग को नए समर्थन और आसान वित्तपोषण उपायों के जरिए सशक्त बनाना प्राथमिकता में रहा है।

    टेक्नोलॉजी, विनिर्माण और रोजगार

    बजट में तकनीकी उन्नति और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत भारत को ग्लोबल चिप हब बनाने के लिए ₹40,000 करोड़ से अधिक की योजना।

  • बायोफार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा।

  • युवा कौशल विकास और तकनीकी उद्यमिता को प्रोत्साहन।

    सुरक्षा और सामाजिक क्षेत्र

    रक्षा बजट में 15.3% तक वृद्धि, जिससे देश की सैन्य क्षमता और विविधीकरण को मजबूती मिली है।

  • गृह मंत्रालय को भी सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और आधुनिक उपकरणों के लिए अच्छा खासा आवंटन मिला है।

    SHE Marts – महिलाओं के लिए खास

    बजट में SHE Marts नामक नयी पहल की घोषणा हुई है। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट खोले जाएंगे। इन्हें लघु व्यवसाय और उत्पादों की बिक्री के लिए बनाया जाएगा, ताकि महिलाएं अपने उत्पाद बाजार में सीधे बेच सकें और स्थायी आय कमा सकें। यह कदम ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम से आगे बढ़ कर महिलाओं को स्व-नियोजित उद्यमी बनने के लिए सशक्त करेगा।

    लखपति दीदी कार्यक्रम का विस्तार

    बजट में ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम को और मजबूत करने की बात कही गयी है। इस योजना का मकसद ग्रामीण और शहरी महिलाओं को आर्थिक अवसर देना है। अब इससे जुड़ी महिलाओं को उत्पाद बेचने के लिए अधिक रिटेल आउटलेट और बाजार से जोड़ा जाना सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे उन्हें स्थायी व्यावसायिक आय स्रोत मिल सके।

    प्रत्येक जिले में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल

    शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के लिए हर जिले में कम से कम एक गर्ल्स हॉस्टल खोलने का प्रस्ताव पेश किया गया है। इससे छात्राओं को सुरक्षित और सस्ते आवास के साथ उच्च शिक्षा तक बेहतर पहुंच मिलेगी, खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में।

    महिला-नेतृत्व वाले विकास और महिला स्वयं सहायता समूह समर्थन

    बजट भाषण में यह भी बताया गया कि महिलाओं के कौशल, उद्यमिता और आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर विशेष जोर रहेगा। महिलाओं द्वारा नेतृत्व वाली विकास पहलों को समर्थन देकर स्व-रोजगार और वित्तीय समावेशन को प्राथमिकता दी जाएगी।

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