रबर प्लांट को घर के अंदर या आंशिक धूप वाली जगह में रखें। इसे तेज धूप से बचाएं, क्योंकि इससे इसके पत्ते जल सकते हैं। ब्राइट इनडाइरेक्ट लाइट इसके लिए बेहतर होती है। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी चुनें। इसके लिए गार्डन मिट्टी, कोकोपीट, बालू, कंपोस्ट का मिश्रण इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे 2:1:1:1 अनुपात में लें। इसे लगाने के लिए ऐसा गमला लें, जिसमें नीचे ड्रेनेज होल हो, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। गमले का साइज प्लांट के आकार के अनुसार चुनें। पौधे को मिट्टी में अच्छी तरह से रोपें। रोपने के बाद हल्का पानी दें। शुरुआत में हफ्ते में 2-3 बार पानी देना काफी है।
देखभाल कैसे करें
जरूरत से ज्यादा पानी ना दें। जब मिट्टी ऊपर से सूखी लगे, तभी पानी दें। गरमी में हफ्ते में 2 बार और ठंड में हफ्ते में एक बार पानी देना काफी है। सीधी धूप से बचाएं। खिड़की के पास या हवादार रोशनी वाली जगह पर रखें। पत्तों पर हफ्ते में 1-2 बार स्प्रे करें, खासकर गरमी या ड्राई सीजन में। महीने में एक बार ऑर्गेनिक लिक्विड खाद या वर्मी कंपोस्ट दें। बरसात और सरदी में खाद देना कम कर दें। पत्तों को समय-समय पर गीले कपड़े से साफ करें, ताकि धूल ना जमे और प्लांट सांस ले सके। यदि बहुत ज्यादा फैल जाए तो टहनी काट सकते हैं। इससे नयी ग्रोथ बेहतर होगी।
रखें सावधानियां
ध्यान रखें कि गमले में पानी ना जमे, इससे जड़ें सड़ सकती हैं। छोटे बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें, क्योंकि इसके पत्ते हल्के विषैले होते हैं।
पत्तों के गिरने या मुरझाने का कारण या तो पानी की कमी, ज्यादा पानी या रोशनी की कमी हो सकती है। रबर प्लांट में हर हफ्ते मिट्टी की नमी चेक करें, जरूरत हो तो पानी दें। पत्तों पर पानी का हल्का स्प्रे करें। पत्तों को गीले कपड़े से साफ करें। हर 15 दिन में 1-2 चम्मच ऑर्गेनिक लिक्विड खाद या पतला गोबर खाद पानी में मिला कर दें। पौधे को एक बार थोड़ा घुमा दें, ताकि हर दिशा में समान रोशनी मिले।
हर महीने गमले की मिट्टी को ऊपर से हल्का खोद कर थोड़ा ताजा कंपोस्ट मिलाएं। पत्तियों का निरीक्षण करें। कोई रोग, कीड़े या पीलापन हो तो नीम स्प्रे करें। जरूरत हो तो हल्का प्रूनिंग करें। गमले की थोड़ी मिट्टी रिप्लेस करें या नया गमला लें। गरमी में हर हफ्ते 2 बार पानी दें, स्प्रे जरूर करें। बरसात में पानी कम दें, मिट्टी सूखी होने पर ही दें।