कपल के लिए तरह-तरह के कॉन्ट्रासेप्शन मेथड के बारे में जानना बहुत जरूरी है, जिससे वे अनचाहे गर्भ से बच सकें। गुरुग्राम के न्यूमी केअर की गाइनीकोलॉजिस्ट डॉ. आस्था दयाल इस बारे में विस्तृत जानकारी दे रही हैं-
बैरिअर मेथड
यंग कपल के लिए बैरिअर मेथड बहुत अच्छा उपाय है। इससे वे सेक्सुअली ट्रॉन्समिटेड डिजीज से भी बच सकते हैं। बैरिअर मेथड में आते हैं फीमेड कंडोम और मेल कंडोम। संसर्ग से पहले इसका इस्तेमाल करें और सुरक्षित रहें। स्पर्मीसाइडल जैली या सर्वाइकल कैप भी एक अच्छा बैरिअर मेथड है, महिलाएं इसे भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
ओरल पिल्स
भारत में गर्भनिरोधक गाेलियों को ले कर बहुत सारे मिथक हैं। लोगों को लगता है कि इससे फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ता है। यह सच है कि इसके साइड इफेक्ट हैं, इसीलिए इसे मेडिकल देखरेख में ही लेना चाहिए। इसे लेना छोड़ने के कुछ समय बाद ही प्रजनन क्षमता वापस आ जाती है। हारमोन्स में असंतुलन, पीसीओडी, एंड्रोमेट्रियोसिस, अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याओं में पिल्स से इलाज होता है।
रिवर्सिबल मेथड
लॉन्ग एक्टिंग रिवर्सिबल कॉन्ट्रासेप्टिव : इसमें इंट्रा यूट्राइन डिवाइसेज आते हैं। ये 3 साल तक प्रोटेक्शन देते हैं। इनकाे रिवर्सिबल कहा जाता है, क्योंकि जैसे ही इन्हें रिमूव किया जाता है, फर्टिलिटी वापस आ जाती है। इसके साइड इफेक्ट कम होते हैं। फैमिली पूरी करने बाद भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन नयी शादी या अविवाहित अवस्था में आईयूसीडी लेने की सलाह नहीं दी जाती। इसके अलावा वेजाइनल रिंग होते हैं, जो वेजाइना में इंसर्ट करते हैं। जब इसको रिमूव किया जाता है, तो हर महीने पीरियड्स आने शुरू हो जाते हैं।
इमरजेंसी गर्भनिरोधक
इमरजेंसी पिल्स तब इस्तेमाल किया जाता है, जब अनसेफ इंटरकोर्स हो चुका है और प्रेगनेंसी नहीं होने देनी है। यह हाई डोज पिल होती है। उस समय तो आपकी मदद करती है, लेकिन यह हारमोन्स को बहुत डिस्टर्ब कर देती है। इसीलिए इसे रेगुलर मेथड ना बनाएं।
क्या है सही
गर्भनिरोधक गोलियां शादी से 2-3 महीने पहले से पीरियड्स के 3 दिन से 21 दिन तक ली जाती हैं, जिससे ये गोलियां बॉडी के साथ सही बैलेंस बैठा लें। ये पिल्स लो डोज हारमोन्स होती हैं, इसीलिए इनके साइड इफेक्ट कम हैं। लेकिन इसे रेगुलर लेने का ध्यान रखने की जरूरत है। बीच में अगर खाना भूल गए तो पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग और प्रेगनेंट होने के चांस बढ़ जाते हैं।
कंडोम और ओरल कॉन्ट्रासेप्शन ही ऐसे दो मेथड हैं, जिन्हें कपल सहजता से इस्तेमाल कर सकते हैं।
