स्वाद से भरा और शहद से मीठा शहतूत कई गुणों की खान है, इस मौसम में इसे जरूर खाएं।
- शहतूत में विटामिन ए, कैल्शियम, फास्फोरस और पोटैशियम भरपूर मात्रा में मिलता है। आयुर्वेदिक औषधियों में रंग और सुगंध डालने के लिए शहतूत के रस से बनाया गया शरबत इस्तेमाल किया जाता है।
- बच्चों के पेट में अकसर कीड़े हो जाते हैं। अगर कुछ दिनों तक रोजाना 100 ग्राम शहतूत का सेवन किया जाए, तो पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं। 20 ग्राम शहतूत और 20 ग्राम अनार के छिलके को पानी में उबाल कर पीने से भी पेट के कीड़े नष्ट होते हैं।
- अगर गले में टॉन्सिल बढ़ गए हों, तो भी यह फल बहुत लाभकारी है। एक चम्मच शहतूत का रस लें। इसे गरम पानी में मिला कर गरारे करें। टॉन्सिल में आराम मिलेगा।
- ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं को शहतूत रोजाना खाना चाहिए। इससे दूध की मात्रा बढ़ती है। इस फल में प्रोटीन और ग्लूकोज दोनों ही प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
- गले में जलन हो रही हो, तो थोड़े से शहतूत धीरे-धीरे रस चूस कर खाएं। जल्दी आराम मिलेगा। इससे गले की खुश्की भी दूर होती है। गरमी के कारण बुखार हो, तो शहतूत का शरबत फायदा पहुंचाएगा।
- शरीर में कहीं फोड़ा या बालतोड़ हो गया हो, तो शहतूत के पत्तों को पानी मिला कर पीस लें। इस लेप को हल्का गरम करके फोड़े पर बांध लें। इससे फोड़ा फट जाएगा और मवाद बाहर निकलेगा। यह घाव भी जल्दी भरता है।
