बरसात में अपने बरामदे अौर छत पर रखे गमलों को फूल-पौधों के लिए तैयार करें। सीपीडब्लूडी, मुंबई में हॉर्टिकल्चर विभाग के निदेशक डॉ. प्रसून कुमार त्रिपाठी के बताए बागवानी टिप्स से अापको मदद मिलेगी—

बरसात में अपने बरामदे अौर छत पर रखे गमलों को फूल-पौधों के लिए तैयार करें। सीपीडब्लूडी, मुंबई में हॉर्टिकल्चर विभाग के निदेशक डॉ. प्रसून कुमार त्रिपाठी के बताए बागवानी टिप्स से अापको मदद मिलेगी—

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बरसात में अपने बरामदे अौर छत पर रखे गमलों को फूल-पौधों के लिए तैयार करें। सीपीडब्लूडी, मुंबई में हॉर्टिकल्चर विभाग के निदेशक डॉ. प्रसून कुमार त्रिपाठी के बताए बागवानी टिप्स से अापको मदद मिलेगी—

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बरसात में अपने बरामदे अौर छत पर रखे गमलों को फूल-पौधों के लिए तैयार करें। सीपीडब्लूडी, मुंबई में हॉर्टिकल्चर विभाग के निदेशक डॉ. प्रसून कुमार त्रिपाठी के बताए बागवानी टिप्स से अापको मदद मिलेगी—


ये पौधे जरूर लगाएं
➢ कैरियोप्सिस, जीनिया, गिलार्डिया, बालसम, सूरजमुखी, विनका रोजिया अौर विनका अल्बा (सदाबहार) जैसे फूलों के पौधे इस मौसम में लगाए जाएं, तो इनमें खूब फूल अाएंगे।
➢ क्रोटन, चांदनी, गुड़हल, हेमेलिया, गैलफिमिया, ड्रासिना, शेफेलेरा, डिफेनबेकिया, एग्लोनेमा की कलम भी इन दिनों लगा सकती हैं।
➢ मानसून में तुरई, लौकी, भिंडी, लोबिया, खीरा, पालक, चौलाई, धनिया, पोदीना अादि के बीज बोएं । मार्केट में सब्जियों के हर तरह के संकर बीज मिलते हैं।


➢ पत्तेदार पौधों की कटिंग इस मौसम में लगायी जा सकती है। गुड़हल, गुलाब, बोगनवेलिया, मोगरा की कटिंग भी इस सीजन में लगती हैं।

➢ कटिंग हमेशा से स्वस्थ पौधों से ही लेनी चाहिए। इससे पौधा अच्छा तैयार होता है। कमजोर पौधों की कलम गल जाती है।
➢ कलम काटने के लिए मोटे तने को चुनें। तना कम से कम पेंसिल की मोटाई का होना जरूरी है। टहनी को हल्का सा खुरच कर देख लें, यह अंदर से भी हरा होना चाहिए। 
➢ हर कलम की लंबाई कम से कम 6 इंच होनी चाहिए। पौधों की कटिंग को 45 डिग्री के कोण बनाते हुए कांटें।
➢ टहनी को जोड़ के पास से काटें। सभी पत्तियों को निकाल दें अौर उसके ऊपरी भाग में अायी ग्रोथ को भी उंगलियों से अलग कर दें।
➢ चाहें, तो कलम के खुरचे हुए हिस्से को थोड़े से रूटिंग हारमोन में डिप करें। इसे 3 सेकेंड से अधिक देर तक डुबो कर ना रखें। इससे कोंपल जल्दी निकलेगी। कलम को गमले की िमट्टी में तैयार छेद में डाल कर अासपास की मिट्टी को हाथ से दबा दें। पानी के छींटें डालें।
➢ गमले को ना अधिक गीला करें, ना ज्यादा देर तक धूप में रखें। करीब महीनेभर के बाद ही कलम को दूसरे गमले में ट्रांसफर करें।
➢ कलम तैयार करने के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा रहता है। टहनियों में नमी बनी रहती है। टहनियां कुछ देर बाद लगानी है, तो कटिंग किए हिस्से को पानी में डुबो कर रखें।


किन खास बातों का ध्यान रखें
➢ बरसात के दिनों में इस बात का विशेष ख्याल रखा जाना चाहिए कि पौधों की जड़ों के पास ज्यादा पानी जमा ना हो।
➢ इस मौसम में पौधों में कीड़े भी खूब लगते हैं, इससे भी बचाव के लिए दवाअों का छिड़काव करते रहना चाहिए।
➢ मानसून के दिनों में पौधे तेजी से बढ़ते हैं, इसलिए इन दिनों नियमित रूप से पौधों की छंटाई करना बेहद जरूरी होता है।
➢ बरसात की तेज हवाअों से बचाने के लिए छत पर रखे पौधों को सपोर्ट दें। बारिश के पानी से बचाने के लिए छेदवाला शेड भी लगवा सकती हैं।