जॉइंट अकाउंट पति-पत्नी, बिजनेस पार्टनर या परिवार के सदस्यों के साथ या बचत खाते में किसी का नाम जुड़वा कर खुल सकता है।
सभी लोगों के आईडी कार्ड, एड्रेस प्रूफ व फोटो जमा करके केवाईसी होने के बाद बैंक जॉइंट अकाउंट खोल देते हैं।
नॉमिनी ना हो तो एक खाताधारक की मृत्यु होने पर अकाउंट की रकम अन्य खाताधारकों और कानूनी वारिस में बांट दी जाती है।
एक की मृत्यु हो जाने पर उसका मृत्यु प्रमाण पत्र और सेल्फ डिक्लेरेशन जमा करें, ताकि बैंक खाता चलाने का अधिकार दे।
आप अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ भी जॉइंट अकाउंट खुलवा सकते हैं, इसमें आपको खाता ऑपरेट करना होगा।