इस वेडिंग सीजन में शादियां बन रही हैं पर्सनल एक्सपीरियंस
हमारे यहां शादी का मतलब तड़क-भड़क और लाखों करोड़ों का बजट, लेकिन अब कपल्स शादी में दिखावे को नहीं, बल्कि ऐसे यादगार अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं जो उनके साथ बिताए गए सफ़र को दिखाते हैं। शादी की प्लानिंग को ले कर कपल्स की क्या डिमांड है, इस बारे में बता रही हैं टैमरिंड ग्लोबल की वाइस प्रेसिडेंट –
हमारे यहां शादी का मतलब तड़क-भड़क और लाखों करोड़ों का बजट, लेकिन अब कपल्स शादी में दिखावे को नहीं, बल्कि ऐसे यादगार अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं जो उनके साथ बिताए गए सफ़र को दिखाते हैं। शादी की प्लानिंग को ले कर कपल्स की क्या डिमांड है, इस बारे में बता रही हैं टैमरिंड ग्लोबल की वाइस प्रेसिडेंट –
हमारे यहां शादी का मतलब तड़क-भड़क और लाखों करोड़ों का बजट, लेकिन अब कपल्स शादी में दिखावे को नहीं, बल्कि ऐसे यादगार अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं जो उनके साथ बिताए गए सफ़र को दिखाते हैं। शादी की प्लानिंग को ले कर कपल्स की क्या डिमांड है, इस बारे में बता रही हैं टैमरिंड ग्लोबल की वाइस प्रेसिडेंट –
हमारे यहां शादी का मतलब तड़क-भड़क और लाखों करोड़ों का बजट, लेकिन अब कपल्स शादी में दिखावे को नहीं, बल्कि ऐसे यादगार अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं जो उनके साथ बिताए गए सफ़र को दिखाते हैं। शादी की प्लानिंग को ले कर कपल्स की क्या डिमांड है, इस बारे में बता रही हैं टैमरिंड ग्लोबल की वाइस प्रेसिडेंट – सेलिब्रेशंस, अंजलि तोलानी। उनका कहना है कि कपल्स अब शादी में ऐसा एक्सपीरियंस चाहते हैं, जिसे वे और गेस्ट जीवन भर याद रखें। वे शादी को दिखावा नहीं बल्कि पर्सनल एक्सपीरियंस बनाना चाहते हैं, जैसे कि डेटिंग से ले कर शादी की प्लानिंग तक के सफर की कहानी मेहमानों को दिखाना आदि।
2026 में शादियों के लिए लग्जरी अब नया रूप ले कर सामने आ रही है, लेकिन यह लाउड म्यूजिक, सजावट या डेकोरेशन में नहीं दिखती, बल्कि कपल्स अब इसके लिए हाई-क्वालिटी मटीरियल और सोच-समझकर डिजाइन किए गए विकल्पों को चुन रहे हैं जो बहुत एलिगेंट लगते हैं। नेचुरल टेक्सटाइल, सॉफ्ट लाइटिंग, मिनिमलिस्ट एस्थेटिक्स और हवादार लेआउट का इस्तेमाल सोफिस्टिकेशन का माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है। ऐसी डेकोरेशन दिखावे के बजाय अपनेपन का एहसास कराती है।
मेहमानों का अनुभव जरूरी है
जैसे-जैसे शादी की प्लानिंग के प्रति सोच बदल रही है, मेहमानों का अनुभव सेंटर स्टेज पर आ गया है। आज, कपल्स इस बात का भी उतना ही ध्यान रखते हैं कि शादी के दौरान मेहमान कैसा महसूस करते हैं। लाउंज-स्टाइल बैठने की व्यवस्था और फ्लेक्सिबल लेआउट से लेकर क्यूरेटेड म्यूजिक और खासतौर से बनाया गया मेन्यू, हर चीज़ आराम और सहजता को ध्यान में रखकर प्लान की जाती है। शादी की विभिन्न रस्मों के कड़े शेड्यूल की जगह आरामदायक टाइमलाइन ले रही है जिससे मेहमान बिना किसी भागदौड़ या थकान के शादी एंजॉय कर सकें।
रीति-रिवाज हो रहे हैं मॉडर्न
आधुनिक कपल्स रीति-रिवाजों में फेरबदल करके उन्हें ज्यादा प्रासंगिक और प्रामाणिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसका मतलब यह हो सकता है कि पारंपरिक रस्मों की नए रूप में व्याख्या या परिभाषा करना। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि शादी में बहुत ज्यादा शोरशराबा या तड़क-भड़क ना हो कर मेहमानों के आराम से बैठने और शादी की सभी रस्मों में शामिल होने की व्यवस्था हो और सभी गेस्ट का आपस में कनेक्शन बन सके।