आईटी कंपनी चलाती हैं प्रार्थना गुप्ता किया 22 लड़कियों को अडॉप्ट
Prarthana Gupta, a successful IT leader, champions women's empowerment and financial independence, especially for girls, by providing them with education and opportunities in technology. She runs a company offering data solutions and system integration, proving women's capabilities in the male-dominated IT sector. Beyond her professional achievements, Gupta is dedicated to supporting adopted girls and animal welfare.
Prarthana Gupta, a successful IT leader, champions women's empowerment and financial independence, especially for girls, by providing them with education and opportunities in technology. She runs a company offering data solutions and system integration, proving women's capabilities in the male-dominated IT sector. Beyond her professional achievements, Gupta is dedicated to supporting adopted girls and animal welfare.
Prarthana Gupta, a successful IT leader, champions women's empowerment and financial independence, especially for girls, by providing them with education and opportunities in technology. She runs a company offering data solutions and system integration, proving women's capabilities in the male-dominated IT sector. Beyond her professional achievements, Gupta is dedicated to supporting adopted girls and animal welfare.
आईटी कंपनी डिजिटल फाउंडेशन चलाने वाली प्रार्थना गुप्ता विशेष तौर पर लड़कियों को आत्मनिर्भर होने का उत्साह दिलाती हैं। वे कहती हैं कि पैसा भगवान नहीं पर भगवान से कम नहीं। बैंक में पैसे होने चाहिए।
बनारस की रहने वाली प्रार्थना गुप्ता ने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने के बाद सोचा कुछ तो अलग किया जाए, जो सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि उनके समाज की लड़कियों के लिए भी लाभदायक हो। बनारस में उनकी पढ़ाई का कोई स्कोप नहीं था, इसीलिए दिल्ली आना पड़ा। यहां उन्हें अपनी अलग पहचान बनानी थी। दरअसल लोग लड़कियों के काम पर जल्दी से विश्वास नहीं करते हैं कि वे आईटी फील्ड में कुछ कर पाएंगी। प्रार्थना कहती हैं, ‘‘मुझे यह साबित करना था कि हम लड़कियां भी बहुत कुछ कर सकती हैं। मैंने अपना काम शुरू किया और इंडस्ट्री में डिफरेंस क्रिएट किया।’’
क्या है काम : ज्यादातर कंपनियों के डेटा सेंटर्स के लिए प्रार्थना गुप्ता सिस्टम इंटीग्रेशन और डेटा सॉल्यूशन प्रोवाइड कराती हैं। ग्लोबली वे क्लाइंट की प्रॉब्लम सॉल्व करती हैं। डेटा सेंटर्स बिल्ड करती हैं। इससे ताल्लुक रखने वाली समस्या पर कंसल्टेंसी देती हैं। उनकी एप्लीकेशन को मॉनिटर करती हैं। सर्वर स्टोरेज जो कंपनी को सप्लाई किया जाता है, उसकी डिजाइनिंग और मेंटेनेंस भी करती हैं। उसका सारा सिस्टम अपग्रेड और रन भी उनकी कंपनी द्वारा होता है। इस काम को करते हुए प्रार्थना को 34 साल हो चुके हैं।
वे कहती हैं, ‘‘महिला होने के नाते आपको हर स्तर पर अपने आपको साबित करना होता है कि जीवन में लीक से हट कर आप कुछ कर पाने में सक्षम हैं। डेटा सॉल्यूशन जैसे फील्ड में महिलाओं को ले कर विश्वास काफी कम होता है। मेरी टीम ने, जिसमें 300 से ज्यादा लोग काम करते हैं, मार्केट में लोगों का विश्वास जीता। चूंकि हम सर्विस इंडस्ट्री में हैं, लोगों तक अच्छा काम पहुंचाना और उनका विश्वास जीतना ही हमारी प्राथमिकता है। मार्केट में मेरे डेटा सॉल्यूशन के काम को ले कर कहा जाता है कि एक बार हमें काम दे दिया जाए, तो वे बेफिक्र हो जाते हैं कि उन्हें काम सही, अच्छा और समय पर मिल जाएगा।’’ इस समय 15-20 प्रतिशत ही लड़कियां प्रार्थना की कंपनी में हैं। उनका यह पर्सनल एजेंडा है कि वह बहुत सारी लड़कियों को प्रेरित कर सकें और उनकी लाइफ को बदल सकें।
बच्चियों को क्यों लिया गोद : प्रार्थना ने 22 लड़कियों को गोद लिया है। देख और सुन कर सभी को अटपटा लगता है। पर उन्हें लगता है कि अगर वे इन्हें गोद लेने में सक्षम हैं तो उन्हें यह करना चाहिए। वे कहती हैं, ‘‘गोद ली हुई इन बच्चियों को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश कर रही हूं, जिससे आगे चल कर उन्हें पैसों के लिए मोहताज ना होना पड़े। उन्हें मैं स्कूल भेजती हूं। जरूरत पड़ने पर ट्यूटर भी लगवाती हूं। उनकी स्कूलिंग करवा रही हूं। मैं उन सभी लड़कियों की मदद करना चाहती हूं, जो अपनी मदद खुद करना चाहती हैं। उनके अंग्रेजी बोलने पर भी ध्यान देती हूं। दरअसल एचआर में, एडमिन में, सर्विस डिलिवरिंग में लड़कियां मिल जाती हैं। पर कंप्यूटर एक्सपर्ट लड़कियां कम मिलती हैं। पैसा भगवान नहीं है, पर भगवान से कम भी नहीं है। लड़कियों के पास पैसा होना ही चाहिए। उसके पास फाइनेंशियल डिसिजन लेने की पावर होनी चाहिए। भारत में यह बात हजम नहीं होती कि कोई महिला सोलो ट्रिप में निकल रही है या कोई आईटी कंपनी चला रही है।’’
कंपनी की सीईओ के अलावा प्रार्थना डॉग लवर हैं। बहुत सारे एनजीओ को भी सपोर्ट करती हैं, जो आवारा डॉग्स के लिए काम कर रहे हैं। इसके अलावा वे बीमार, दुर्घटनाग्रस्त जानवरों के लिए भी काम रही हैं।