साधारण दाल-सब्जी हो या नबाबी जायका, उसमें हींग और देसी घी का छौंक पड़ जाए, तो व्यंजन का स्वाद दोगुना हो जाता है। इस बार ट्राई करें कुछ खास हींग वाले छौंक। अफगानिस्तान, इरान और तुर्किस्तान का हींग बहुत मशहूर है। वहां हींग गोंद के रूप में मिलता है। इसे पानी में घोल कर इस्तेमाल में लाते हैं। बहुत तेज

साधारण दाल-सब्जी हो या नबाबी जायका, उसमें हींग और देसी घी का छौंक पड़ जाए, तो व्यंजन का स्वाद दोगुना हो जाता है। इस बार ट्राई करें कुछ खास हींग वाले छौंक। अफगानिस्तान, इरान और तुर्किस्तान का हींग बहुत मशहूर है। वहां हींग गोंद के रूप में मिलता है। इसे पानी में घोल कर इस्तेमाल में लाते हैं। बहुत तेज

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साधारण दाल-सब्जी हो या नबाबी जायका, उसमें हींग और देसी घी का छौंक पड़ जाए, तो व्यंजन का स्वाद दोगुना हो जाता है। इस बार ट्राई करें कुछ खास हींग वाले छौंक। अफगानिस्तान, इरान और तुर्किस्तान का हींग बहुत मशहूर है। वहां हींग गोंद के रूप में मिलता है। इसे पानी में घोल कर इस्तेमाल में लाते हैं। बहुत तेज

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साधारण दाल-सब्जी हो या नबाबी जायका, उसमें हींग और देसी घी का छौंक पड़ जाए, तो व्यंजन का स्वाद दोगुना हो जाता है। इस बार ट्राई करें कुछ खास हींग वाले छौंक।

अफगानिस्तान, इरान और तुर्किस्तान का हींग बहुत मशहूर है। वहां हींग गोंद के रूप में मिलता है। इसे पानी में घोल कर इस्तेमाल में लाते हैं। बहुत तेज महक होने की वजह से इसका जरा सा प्रयोग किया जाता है। इन देशों से हींग विश्व में बाकी हिस्सों में एक्सपोर्ट होता है। यहां वेज और नॉनवेज दोनों व्यंजनों में हींग का इस्तेमाल किया जाता है। भारत में कश्मीर, पंजाब, हाथरस (उत्तर प्रदेश) के कुछ हिस्सों में हींग की पैदावार होती है। हींग पाउडर, छोटे ढेले और और बड़े ढेलों के रूप में मिलती है।

दाल

दाल कैसी भी क्यों ना हो, जैसे चना-मूंग, मूंग-मसूर, उड़द, साबुत उड़द, साबुत मसूर, इसमें हींग का तड़का ना लगे तो स्वाद अधूरा लगता है। हींग, जीरा, सूखी लाल मिर्च का तड़का अमूमन ज्यादा प्रांतीय दाल के तड़कों में लगता है, पर लौंग, इलायची और दालचीनी का तड़का अवधी या मुगलई व्यंजनों में लगता है। कश्मीरी दाल के व्यंजनों में अदरक, सूखी मिर्च, हींग का इस्तेमाल किया जाता है। बंगाल में दाल के व्यंजनों में हींग का प्रयोग आमतौर पर नहीं होता।

सब्जी

दम के व्यंजन हों या धीमी आंच के व्यंजन, हींग का इस्तेमाल राजा-महाराजाओं के समय से होता आ रहा है। हींग के टुकड़ों को पानी में घोल कर इस्तेमाल होता है। इसे मसाला भूनते समय इस्तेमाल में लाएं। आप किसी कांच की बोतल में हींग का पानी बना कर फ्रिज में भी रख सकती हैं। गोभी मुसल्लम हो, भरवां सब्जी का भरावन, फिर गोभी, मूली या मटर का परांठा या सब्जी, इसे कभी अजवाइन, अदरक, कभी लहसुन या कभी प्याज के फ्लेवर के साथ इस्तेमाल किया जाता है। नॉनवेज कबाब, कीमा कोफ्तों में भी हींग का फ्लेवर कमाल का लगता है।

रायता और छाछ

कोई भी रायता हो, ऊपर से अलग-अलग फ्लेवर का हींग का बघार लगाया जाता है। अखरोट-मूली के रायते में अजवाइन और हींग का बघार लगा सकते हैं। एक्स्ट्रा रंग और फ्लेवर के लिए छाछ में हरी मिर्च और कसे अदरक के साथ जीरा व हींग का बघार लगा सकते हैं। पालक और आलू के रायते में आप जीरा, हींग और लहसुन का बघार लगाएं। कमाल की रंगत के लिए वेज मिक्स रायते में चुटकीभर लाल मिर्च, हींग और कसे अदरक का बघार लगा सकते हैं। सामान्य कद्दू या लौकी को हींग, सौंफ और मेथी के बघार से खास बनाएं।

नॉनवेज का जायका

खासतौर पर मटन और चिकन के व्यंजनों में मसाला भूनने के बाद दही में हींग पाउडर या हींग का पानी मिक्स करके डालें। इससे व्यंजन में अलग महक और स्वाद आएगा। कश्मीरी बडि़यों में खासतौर पर कश्मीरी मिर्च, खड़े मसालों और हींग का इस्तेमाल किया जाता है। इन बडि़यों को वे वेज और नॉनवेज दोनों तरह के जायकों में इस्तेमाल करते हैं। कश्मीर में मछली के व्यंजनाें में हींग के पानी का बखूबी इस्तेमाल किया जाता है।