आर्थिक सुरक्षा और आजादी दोनों के लिए बचत बहुत जरूरी है, ताकि महीने के अंत में किसी से उधार लेने की नौबत ना आए। सेविंग्स के लिए सबसे जरूरी है हर छोटे-बड़े खर्चों का हिसाब रखना। खर्चों में कटौती करना बचत की ओर पहला कदम है।

आर्थिक सुरक्षा और आजादी दोनों के लिए बचत बहुत जरूरी है, ताकि महीने के अंत में किसी से उधार लेने की नौबत ना आए। सेविंग्स के लिए सबसे जरूरी है हर छोटे-बड़े खर्चों का हिसाब रखना। खर्चों में कटौती करना बचत की ओर पहला कदम है।

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आर्थिक सुरक्षा और आजादी दोनों के लिए बचत बहुत जरूरी है, ताकि महीने के अंत में किसी से उधार लेने की नौबत ना आए। सेविंग्स के लिए सबसे जरूरी है हर छोटे-बड़े खर्चों का हिसाब रखना। खर्चों में कटौती करना बचत की ओर पहला कदम है।

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पैसे कैसे बचाएं? इस आम सवाल का जवाब सभी के लिए बहुत खास है। महीने की सैलरी कब आयी और कैसे खत्म हुई, पता ही नहीं चलता। सैलरी आते ही शॉपिंग की लंबी लिस्ट तैयार हो जाती है और हॉलीडे ट्रिप्स की प्लानिंग भी शुरू हो जाती है। खर्चों के बाद महीने के अंत में कुछ बचता ही नहीं। ई-वॉलेट्स और डेबिट/क्रेडिट कार्ड्स की वजह से खर्चे बढ़ गए हैं। हर घर की यही कहानी है। ऐसी प्रॉब्लम्स से आपको सिर्फ बचत बचा सकती है। सेविंग्स सिर्फ भविष्य के लिए नहीं, आकस्मिक खर्चों के लिए भी जरूरी है। आर्थिक सुरक्षा और आजादी दोनों के लिए बचत बहुत जरूरी है, ताकि महीने के अंत में किसी से उधार लेने की नौबत ना आए। सेविंग्स के लिए सबसे जरूरी है हर छोटे-बड़े खर्चों का हिसाब रखना। खर्चों में कटौती करना बचत की ओर पहला कदम है। ई-वॉलेट्स ने हमारा बटुआ हल्का कर दिया है और खर्चे भारी। यह बात हमेशा याद रखें कि सेविंग इज ए अर्निंग यानी अगर आप 100 रुपए बचाते हैं, तो एक तरह से वह भी आपकी आमदनी है।

हर वेबसाइट पर हमें कई डिस्काउंट्स अट्रैक्ट करते हैं, जिनकी वजह से फिजूलखर्ची होती है। किसी सेलेब्रिटी से प्रभावित हो कर हम वे चीजें खरीद लेते हैं, जिनकी जरूरत नहीं होती है। 

आजकल यंगस्टर्स पढ़ाई या जॉब की वजह से अपने होमटाउन से दूर अकेले या दोस्तों के साथ रहते हैं। स्टूडेंट्स के पेरेंट्स हर महीने उनके अकाउंट में निश्चित रकम ट्रांसफर करते हैं। वहीं जॉब की शुरुआत करनेवाले युवाओं के पास सैलरी तो जरूर आती है, पर सही फाइनेंशियल प्लानिंग ना होने के कारण वे बिना सोचे-समझे खर्च करते हैं। ऐसी आदतों से बचने के लिए उन्हें चंद बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

यंगस्टर्स के लिए सेविंग टिप्स 

अगर आप बाहर रहते हैं यानी होमटाउन से दूर, तो फ्लैट शेअर करके रहें। फ्लैट शेअरिंग में घर के खर्चों को बांट लें और ध्यान दें कि सभी रूममेट्स उनका पालन करें। घर का किराया, कॉमन किचन का खर्चा, बिजली बिल इत्यादि में बराबर की भागीदारी हो। 

रूममेट्स के साथ मिल कर घर का फर्नीचर जैसे बेड, एसी, फ्रिज, टीवी खरीदने से बचें, ये सब रेंट पर लें। 

हर महीने आने वाले पैसे का 10% इमरजेंसी फंड के लिए रिजर्व रखें और उसे किसी भी हाल में खर्च ना करें।

विंडो शॉपिंग से बचें, यह फिजूलखर्ची का बड़ा कारण है।

हाउस पार्टी का बजट जरूर बना लें और उसका सख्ती से पालन करें। हाउस पार्टी के खर्चे सभी रूममेट्स में बराबर बांट लें। 

ऑनलाइन खाना आॅर्डर करने के लिए हफ्ते में एक दिन फिक्स कर लें। घर से बाहर रहने पर सैलरी का बहुत बड़ा हिस्सा खाना ऑर्डर करने में खर्च हो जाता है। 

गैजेट्स की शॉपिंग के लिए ऑनलाइन सेल का इंतजार करें। 

शॉपिंग करने से पहले लिस्ट जरूर बनाएं। इस लिस्ट के हिसाब से चलने से फिजूल के खर्चों से बच सकते हैं। 

रोज के खर्चों के लिए कैश रखें, इससे खर्चे का हिसाब रहेगा। 

महीने में बाहर खाने अौर घूमने के लिए एक फिक्स बजट रखें। 

दोस्तों या रिश्तेदारों को देने के लिए गिफ्ट्स का एक बजट बना लें। 

कोई भी सामान लेने पर साथ मिलने वाले डिस्काउंट अौर लुभावनी स्कीम से बचें। 

ऑनलाइन शॉपिंग करते समय जरूरी सामान ही लें। फिजूल खर्चों से बचें।

बनाए गए बजट को हर हाल में फाॅलो करें। सेविंग से शाॅपिंग ना करें।

आप रूममेट्स के साथ खर्चा बराबर बांटने के लिए Splitwise नाम का एप इस्तेमाल कर सकते हैं। इस एप को सभी रूममेट्स के फोन पर इंस्टॉल कर दें, फिर इस पर हुए टोटल खर्चे में उनके हिस्से का रिमाइंडर उन्हें भेजता रहेगा।