यह भी कैसा संजोग है कि छठी मैया के गीतों से मशहूर हुईं बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा ने छठ के दौरान ही अंतिम सांस ली। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!

यह भी कैसा संजोग है कि छठी मैया के गीतों से मशहूर हुईं बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा ने छठ के दौरान ही अंतिम सांस ली। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!

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यह भी कैसा संजोग है कि छठी मैया के गीतों से मशहूर हुईं बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा ने छठ के दौरान ही अंतिम सांस ली। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!

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बिहार कोकिला शारदा सिन्हा को हमने पहली बार फिल्म मैंने प्यार किया के गीत कहे तोसे सजना तोहरी सजनिया से जाना था। हालांकि इसके बाद लंबे समय तक वह बॉलीवुड गानों से दूर रहीं लेकिन कुछेक फिल्मों के अलावा कुछ वेब सीरीज में भी उनकी आवाज का जादू सुनाई देता रहा। शारदा सिन्हा ने भोजपुरी के अलावा मैथिली, हिन्दी और मगही में भी गीत गाए। उन्हें पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

पिछले कुछ दिनों से वह बीमार चल रही थीं। वह दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती थीं। आज सुबह उनके पुत्र अंशुमन ने वीडियो जारी करके उनकी मौत की पुष्टि की।

छठ पर्व पर दिल्ली सहित पूरे भारत और बाहर के देशों में भी उनके कई गीत कानों में गूंजते रहे हैं। पहले पहले हम कईनी छठी मैया व्रत तोहार, करिहा क्षमा छठी मैया, भूल-चूक गलती हमार... गीत हो या फिर पटना के घाट पर हम हूं अरगिया देबई, हे छठी मैया हम ना जाइब दूसर घाट, देखब हे छठी मैया हम ना जाइब दूसर घाट.... या फिर हे दीनानाथ और केलवा के पात पर उगलन सूरजमल झुके झुके....छठ से कई दिन पहले से ही ये गीत पास-पड़ोस और मोहल्लों में सुनाई दे जाते हैं। शारदा सिन्हा की आवाज के बिना छठ पर्व ही अधूरा है। यह भी अजब इत्तेफाक है कि छठ पर्व पर ही छठ की इस मधुर गायिका ने दुनिया को अलविदा कह दिया।

कुछ समय पहले ही शारदा सिन्हा के पति का देहांत हुआ था और इसके बाद जैसे वह टूट सी गई थीं। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट्स में इस दर्द को उन्होंने कई बार बयां किया था। वह एक गंभीर बीमारी से ग्रस्त थीं और उनका इलाज चल रहा था। कुछ दिन पहले जब वह बीमार हुईं तो उन्हें दिल्ली के एम्स में दाखिल कराया गया, जहां 5 नवंबर 2024 को इस 73 वर्षीय सुर कोकिला ने अंतिम सांस ली। उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि!