होली का त्योहार कुछ पल के लिए हमें कई तरह के रंगों में समेट देता है। इसकी खास बात है कि यह त्योहार खेलने वालों की मेंटल हेल्थ के लिए बहुत अच्छा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रंगों के माध्यम से हम अपनी चिंताओं को भूल सकते हैं।

होली का त्योहार कुछ पल के लिए हमें कई तरह के रंगों में समेट देता है। इसकी खास बात है कि यह त्योहार खेलने वालों की मेंटल हेल्थ के लिए बहुत अच्छा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रंगों के माध्यम से हम अपनी चिंताओं को भूल सकते हैं।

You’ve reached a Premium Story.

Get full access Today

  • 5k+ Premium Stories
  • 500+ Columnists
  • 100% Ad-Free Experience
  • ExclusiveWebinars

होली का त्योहार कुछ पल के लिए हमें कई तरह के रंगों में समेट देता है। इसकी खास बात है कि यह त्योहार खेलने वालों की मेंटल हेल्थ के लिए बहुत अच्छा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रंगों के माध्यम से हम अपनी चिंताओं को भूल सकते हैं।

You’ve reached a Premium Story.

Get full access Today

  • 5k+ Premium Stories
  • 500+ Columnists
  • 100% Ad-Free Experience
  • ExclusiveWebinars

होली का त्योहार रंगों के साथ ढ़ेर सारी खुशियां भी लेकर आता है। हर त्योहार को मनाने के रंग ढंग अलग अलग होते हैं यह त्योहार ऐसा त्योहार है जो कुछ पल के लिए हमें कई तरह के रंगों में समेट देता है। होली की खास बात है कि यह त्योहार खेलने वालों की मेंटल हेल्थ के लिए बहुत अच्छा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रंगों के माध्यम से हम अपनी चिंताओं को भूल सकते हैं। होली के रंग हमारे जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। यह हमारी भावनाओं में नयी ऊर्जा का संचार करते हैं। इस बारे में और जानने के लिए हमने गेटवे ऑफ हीलिंग की संस्थापक और निदेशक व साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत से भी बात की है, उन्होंने बताया कि किस तरीके से अजनबी लोगों से बातचीत करके या रंगों के साथ खेल कर अकेलेपन को दूर किया जा सकता है और मानसिक स्थिति भी सुधर सकती हैं। जानिए किस तरीके से होली के रंग आपकी मेंटल हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं-

कम होता है तनाव

होली खेलने से न केवल तनाव को दूर किया जा सकता है बल्कि चिंता के स्तर को भी कम किया जा सकता है। रंग और उत्साहपूर्ण वातावरण आपकी परेशानी को भूलने में मदद कर सकते हैं। होली खेलते समय आप दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते हैं, जिससे आपका मूड फ्रेश होता है।

मूड में आता है सुधार

यदि आप मूड स्विंगस से गुजर हे हैं तो ऐसे में होली के रंगीन और खुशमिजाज माहौल से मूड स्विंग की समस्या दूर हो सकती है। रंगों से खेलने से न केवल मूड को अच्छा बनाया जा सकता है बल्कि व्यक्ति को खुश रहने में भी मदद मिलती है। कई अध्ययनों में भी यह सिद्ध हो चुका है कि रंग आपके मूड को अच्छा बनाते हैं।

लोगों से बातचीत करने का मौका

होली के त्योहार पर आप परिवार वालों के साथ साथ दोस्तों से भी मिलते हैं। ऐसे में नए लोगों से दोस्तों से मिलने पर आपको बातचीत करने का भी मौका मिलता है। रंगों के माध्यम से आप संवाद को बढ़ा सकते हैं और आनंद बढ़ा सकते हैं। वैसे भी होली को गिले शिकवे दूर करने का त्योहार माना जाता है। एेसे दोस्त व रिश्तेदार जिनका आपस में मनमुटाव हो, उनके लिए इस मनमुटाव को खत्म करने का इससे बेहतर मौका अाैर कोई नहीं है।

लोगों के साथ बॉन्डिंग होती है स्ट्रांग

जब आप लोगों से मिलना जुलना बढ़ाते हैं या उनके साथ रंग खेलते हैं तो इससे ना केवल रिश्ते में मजबूती आती है बल्कि आपसी विश्वास भी बढ़ता है। देखा जाए, तो जब भी दो परिवार आपस में मिलते व साथ में त्योहार मनाते हैं, तो उनके आपसी रिश्ते भी बेहतर बनते हैं। वे एकदूसरे के ज्यादा नजदीक आते हैं।

खुश रहने वाले हार्मोंस बढ़ते हैं

होली में केवल रंग ही महत्वपूर्ण नहीं होते बल्कि रंग बिरंगी मिठाई और पिचकारी भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। खुशियों भरपूर माहौल शरीर में हैप्पी हार्मोंस को बढ़ाता है साथ ही मूड को खुशनुमा बनाता है।