पॉल्यूशन फ्री बनाएं अपना घर
Implement simple changes at home to contribute to environmental protection, including smart shopping, reducing waste, conserving energy with low-energy bulbs, using air-purifying plants, and minimizing plastic use.
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Implement simple changes at home to contribute to environmental protection, including smart shopping, reducing waste, conserving energy with low-energy bulbs, using air-purifying plants, and minimizing plastic use.
पूरी दुनिया में पर्यावरण प्रदूषण को ले कर गंभीर बहसें चल रही हैं। बड़ी-बड़ी बातें करने के बजाय अगर सिर्फ घर में कुछ बदलाव कर लें तो यह भी स्वच्छ पर्यावरण के प्रति हमारा योगदान होगा। कुछ टिप्स फॉलो करें और बन जाएं पर्यावरण प्रहरी -
- स्मार्ट शॉपर बनें। मिनिमलिस्टिक लाइफस्टाइल अपनाएं। फास्ट फैशन के चक्कर में ना पड़ें। कुछ भी खरीदने से पहले घर में मौजूद चीजों को दोबारा इस्तेमाल करने के बारे में सोचें, चाहे कपड़े हों या डेकोरेटिव आइटम्स। सिंगल यूज वाली चीजें खरीदने से बचें।
- लो एनर्जी बल्ब या लैंप्स खरीदें। जरूरत ना हो तो घर में हर वक्त लाइट्स जला कर ना रखें। इससे एनर्जी सेविंग होगी।
- घर में पॉल्यूशन को कम करने वाले प्लांट्स लगाएं। जैसे मनीप्लांट, एरिका पाम, तुलसी, एलोवेरा आदि। पौधों से घर सुंदर भी दिखेगा और घर का पर्यावरण भी स्वच्छ रहेगा।
- अगर आपका घर रोडसाइड या ऐसी जगह पर है, जहां धूल ज्यादा आती है तो हमेशा वेट डस्टिंग करें। दरवाजों, खिड़कियों को गीले कपड़े से पोंछें और घर में कारपेट या रोएंदार रग्स आदि का इस्तेमाल कम से कम करें।
- किचन और बाथरूम्स में एग्जॉस्ट फैन, चिमनी और वेंटिलेशन का ध्यान रखें। इनकी नियमित सफाई करें। यहां कुछ छोटे सकुलेंट प्लांट्स रखें। फैन, खिड़कियों आदि की सफाई के लिए केमिकलयुक्त क्लीनर्स के बजाय घर में ही विनेगर, नीबू और डिटरजेंट की मदद से क्लीनर तैयार करें।
- प्लास्टिक को ना कहें। कपड़े के शॉपिंग बैग्स तैयार करें। ऑनलाइन शॉपिंग में भी ध्यान रखें कि बार-बार सामान मंगाने के बजाय महीने में एक बार और कम से कम पैकिंग में सामान मंगाएं। बार-बार सामान ऑर्डर करने से कार्टन का खर्च बढ़ता है, जिससे पर्यावरण को नुकसान होता है।
- रीसाइकल करें। इसके लिए वर्कशॉप्स होती हैं, जिनसे आपको सही जानकारी मिल सकती है कि घर की चीजों को रीसाइकिल कैसे कर सकते हैं। इन दिनों बड़े अपार्टमेंट्स या सोसाइटीज में भी कई संस्थाएं घर के बेकार पड़े कपड़ों, मोबाइल फोन्स, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स आदि एकत्र करती हैं, ताकि उन्हें जरूरतमंदों को दिया जा सके या रीयूजेबल बनाया जा सके।
- घर में आर्टिफिशियल सेंट्स, अगरबत्ती, सेंटेड कैंडल्स, परफ्यूम्स, होम स्प्रे आदि का प्रयोग कम से कम करें।
- पानी का दुरुपयोग रोकें। वाॅटर पंपिंग और ट्रीटमेंट के जरिए बहुत एनर्जी वेस्ट होती है। घर में बार-बार पानी की मोटर चलाने से बचें और पानी के रीयूज के बारे में सोचें।
- अधिक से अधिक लोकल व मौसमी सब्जियों, फलों का सेवन करें। साथ ही ऐसी डाइट अपनाएं, जो प्लांट बेस्ड हो।