यदि आप तनाव में हैं या सेहत के लिए कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो साउंड थेरैपी एकदम अलग और विभिन्न प्रकार की ध्वनि से मिल कर बनी है। ऐसे में इस थेरैपी के बारे में सब कुछ जानना जरूरी है।

यदि आप तनाव में हैं या सेहत के लिए कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो साउंड थेरैपी एकदम अलग और विभिन्न प्रकार की ध्वनि से मिल कर बनी है। ऐसे में इस थेरैपी के बारे में सब कुछ जानना जरूरी है।

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साउंड हीलिंग एक ऐसी थेरैपी है, जिसमें संगीत की कई प्रकार की ध्वनियां न केवल हमारी उर्जा को बढ़ाने में मदद करती हैं बल्कि हमारी भावनाओं को दोबारा बैलेंस करने में भी मददगार साबित हो सकती हैं। यदि आप तनाव में हैं या सेहत के लिए कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो साउंड थेरैपी एकदम अलग और विभिन्न प्रकार की ध्वनि से मिल कर बनी है। ऐसे में इस थेरैपी के बारे में सब कुछ जानना जरूरी है। इस बारे में जानकारी दे रही हैं होलिस्टिक वैलनेस कोच, साउंड हीलिंग मास्टर डॉ. अंजु शर्मा।

क्या है साउंड हीलिंग?

म्यूजिक यानी संगीत न केवल हमारी भावनाओं को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है बल्कि शारीरिक प्रतिक्रियाओं पर भी प्रभाव डालता है। जो लोग मानसिक बीमारियों से ग्रस्त होते हैं उन्हें ठीक करने के लिए भी इस थेरैपी का इस्तेमाल किया जा सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि कई वर्षों से हमारी मिलिट्री का मनोबल बढ़ाने के लिए भी संगीत का उपयोग किया जाता है। आज के समय में ध्वनि चिकित्सक मानते हैं कि साउंड हीलिंग न केवल मानसिक रूप से उपयोगी है बल्कि शारीरिक रूप से भी आपके बेहद काम आ सकती है। इससे संबंधित कुछ शोध भी सामने आए हैं जो यह बताते हैं कि है हमारी इम्यूनिटी को मजबूत करने के साथ-साथ ये थेरैपी कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकती है। जो मांएं साउंड हीलिंग थेरैपी लेती हैं, तो इसके प्रभाव से समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य में भी सुधार आ सकता है.

यह कैसे काम करती हैः इस थेरैपी के लिए हमें एक एक्सपर्ट की जरूरत पड़ती है। इसमें संगीत को सुनना, गाने की बीट के साथ मूव करना, ध्यान लगाना, किसी वाद्ययंत्र को बजाना, गाना और संगीत के साथ गुनगुनाना शामिल है। इसकी एक दूसरा फॉर्म न्यूरोलॉजिकल म्यूजिक थेरैपी भी है, जिसमें आप गाने को सुन सकते हैं, गा सकते हैं और उसके साथ मूव हो सकते हैं। यह भी आमतौर पर तनाव को दूर करने में, दर्द को दूर करने में, मस्तिष्क की चोटों को दूर करने में उपयोगी है.

कुछ महत्वपूर्ण बातें: इस थेरैपी में मुख्य तौर पर 45 से 60 मिनट तक का वक्त लग सकता है, जो एक्सपर्ट की देखरेख में ही किया जाता है। इस थेरैपी के माध्यम से आसानी से तनाव और स्ट्रेस को कम कर सकते हैं। इस थेरैपी में ट्यूनिंग फोर्क और सिंगिग बोल आदि से ध्वनि तरंग उत्पन्न की जाती है। बता दें कि ध्वनि को निकालने से पहले व्यक्ति को योगा मैट पर लेटाकर आंखों पर एक मास्क लगाते हैं। क्रिस्टल या धातु के कटोरे से ध्वनि को उत्पन्न कर गाना भी गाया जा सकता है। ध्वनि से निकलने वाली कंपन दिमाग को शांत करने के साथ-साथ शरीर को विश्राम भी दे सकता है।

थेरैपी के फायदे: ये थेरैपी तनाव को दूर करके व्यक्ति को डिप्रेशन से भी बचाती है। साथ ही व्यक्ति ऑटिज्म, मेंटल डिसऑर्डर, डिमेंशिया, कैंसर का खतरा आदि समस्याओं से दूर रह सकता है।