होली के त्योहार में भजिया, पकोड़ा, मालपुए की बहार होती है, खासा तेल वाला खाना खाते हैं हम। इन्हें पचाने में शरीर को ज़्यादा समय और एनर्जी लगती है, जिससे पेट का मूवमेंट धीमा हो जाता है। इससे ब्लोटिंग, इनडाइजेशन और एसिडिटी की समस्या होने लगती है। ज्यादा खाने से पेट की परत जम जाती है, खासकर मसालों से

होली के त्योहार में भजिया, पकोड़ा, मालपुए की बहार होती है, खासा तेल वाला खाना खाते हैं हम। इन्हें पचाने में शरीर को ज़्यादा समय और एनर्जी लगती है, जिससे पेट का मूवमेंट धीमा हो जाता है। इससे ब्लोटिंग, इनडाइजेशन और एसिडिटी की समस्या होने लगती है। ज्यादा खाने से पेट की परत जम जाती है, खासकर मसालों से

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होली के त्योहार में भजिया, पकोड़ा, मालपुए की बहार होती है, खासा तेल वाला खाना खाते हैं हम। इन्हें पचाने में शरीर को ज़्यादा समय और एनर्जी लगती है, जिससे पेट का मूवमेंट धीमा हो जाता है। इससे ब्लोटिंग, इनडाइजेशन और एसिडिटी की समस्या होने लगती है। ज्यादा खाने से पेट की परत जम जाती है, खासकर मसालों से

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होली के त्योहार में भजिया, पकोड़ा, मालपुए की बहार होती है, खासा तेल वाला खाना खाते हैं हम। इन्हें पचाने में शरीर को ज़्यादा समय और एनर्जी लगती है, जिससे पेट का मूवमेंट धीमा हो जाता है। इससे ब्लोटिंग, इनडाइजेशन और एसिडिटी की समस्या होने लगती है। ज्यादा खाने से पेट की परत जम जाती है, खासकर मसालों से सीने में जलन या मतली हो सकती है।

दूसरी ओर लगातार पानी में भीगने से इवैपोरेशन और स्किन एब्जॉर्प्शन के जरिए तेजी से फ्लूइड लॉस होता है, जिससे डिहाइड्रेशन होता है। इस कारण लार बनना, एंजाइम एक्टिविटी और न्यूट्रिएंट्स का एब्जॉर्प्शन कम हो जाता है और स्टूल सख्त हो जाता है, कब्ज का खतरा बढ़ता है। बार-बार भीगना और फिर सूखने के क्रम में गट लाइनिंग में जलन पैदा होती है, जिससे इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस होता है और मसल्स में सिकुड़न कम होती है, जो सही डाइजेशन के लिए जरूरी है। इससे कब्ज का खतरा बढ़ जाता है। इस कॉम्बिनेशन से ऐंठन या पेट धीरे चलने जैसी दिक्कतें होती हैं।

पेट को कैसे रखें ठीक

- फ्राइड पकोड़ों के बजाय बेक्ड पकोड़े और भजिया खाएं। रोस्टेड मखाना चाट या मसालेदार छोले क्रंची फाइबर और प्रोटीन देते हैं जिससे पेट फूले बिना एनर्जी बनी रहती है।

- लो फैट ऑयल में सब्जियों के साथ बेसन चीला पैनकेक ट्राई करें और इसे दही के साथ सर्व करें।

- डिहाइड्रेशन से बचने के लिए होली खेलने के दौरान पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक या नारियल पानी की चुस्की लें और फल या दही वाले स्नैक्स व हल्की मिठाइयां चुनें।

- कम मात्रा में ध्यान से खाएं और डाइजेशन को सुरक्षित रखने के लिए तली हुई चीजें ज्यादा खाने से बचें।