रकुल प्रीत सिंह अब बॉलीवुड से ले कर साउथ इंडियन सिनेमा तक अपनी पहचान बना चुकी हैं। रकुल प्रीत सिंह का फिल्मी सफर दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से शुरू हुआ। फिलहाल वे कई प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं।

रकुल प्रीत सिंह अब बॉलीवुड से ले कर साउथ इंडियन सिनेमा तक अपनी पहचान बना चुकी हैं। रकुल प्रीत सिंह का फिल्मी सफर दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से शुरू हुआ। फिलहाल वे कई प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं।

You’ve reached a Premium Story.

Get full access Today

  • 5k+ Premium Stories
  • 500+ Columnists
  • 100% Ad-Free Experience
  • ExclusiveWebinars

रकुल प्रीत सिंह अब बॉलीवुड से ले कर साउथ इंडियन सिनेमा तक अपनी पहचान बना चुकी हैं। रकुल प्रीत सिंह का फिल्मी सफर दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से शुरू हुआ। फिलहाल वे कई प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं।

You’ve reached a Premium Story.

Get full access Today

  • 5k+ Premium Stories
  • 500+ Columnists
  • 100% Ad-Free Experience
  • ExclusiveWebinars

दिल्ली में पैदा हुईं और पली-बढ़ीं रकुल प्रीत सिंह अब बॉलीवुड से ले कर साउथ इंडियन सिनेमा तक अपनी पहचान बना चुकी हैं। एक मुलाकात चुलबुली सी दिखने वाली, शरारती आंखों वाली रकुल प्रीत सिंह का फिल्मी सफर दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से शुरू हुआ। फिलहाल वे कई प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। पेश हैं उनसे हुई मुलाकात के प्रमुख अंश-

प्रश्नः वर्ष 2023 आधे से ज्यादा बीत चुका है। कैसा बीता है यह साल अब तक?

उत्तरः इंटरेस्टिंग ! मैंने कई प्रोजेक्ट्स पूरे किए और कई अभी हाथ में हैं। हाल ही में जिओ सिनेमा पर मेरी फिल्म आई लव यू रिलीज हुई। इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। एक फिल्म कार्तिकेयन इसी साल दीवाली पर रिलीज होने वाली है और शंकर सर की फिल्म इंडियन-2 भी दिसंबर तक रिलीज होने की उम्मीद है। मैं खुशकिस्मत हूं कि सभी फिल्मों में मेरे किरदार अलग शेड्स के हैं।

प्रश्नः आपने डॉक्टर जी, रनवे 34 जैसी मुश्किल फिल्में भी कीं। इनके लिए अलग से कोई प्रशिक्षण लेना पड़ा?

उत्तरः रनवे 34 में मैं असिस्टेंट पायलट बनी थी, तो इसके लिए मुझे ट्रेनिंग लेनी पड़ी। इसी तरह डॉक्टर जी के लिए मुझे लैंग्वेज क्लासेस लेनी पड़ीं। फिल्म आई लव यू के लिए भी मुझे 15 दिन ट्रेनिंग लेनी पड़ी।

प्रश्नः एक किरदार को जीना और फिर तुरंत दूसरे किरदार में जाने की यात्रा कितनी आसान या मुश्किल होती है।

उत्तरः बहुत प्रैक्टिस चाहिए इसके लिए। हर फिल्म में किरदार अलग होता है और हर किरदार के लिए होमवर्क करना होता है। कई बार एक ही समय में दो-तीन अलग-अलग किरदारों में जीना होता है। सोचती हूं कि श्रीदेवी, रेखा, हेमा जी जैसी अभिनेत्रियों ने कितने मुश्किल किरदार निभाए, उनके लिए यह सब कितना कठिन रहा होगा।

प्रश्नः आज किसका काम आपको भाता है?

उत्तरः किसी एक का नाम नहीं ले सकती। हमारा दौर महिला एक्टर्स के लिए अच्छा है। बहुत से एक्टर्स बढ़िया काम कर रहे हैं और मैं उनसे प्रेरित होती हूं।

प्रश्नः आप दिल्ली की हैं, पंजाबी हैं, लेकिन आपने डेब्यू साउथ की फिल्मों से किया?

उत्तरः मैं तो साउथ फिल्म इंडस्ट्री की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने एक नॉर्थ इंडियन लड़की को रोल्स दिए, साथ ही बहुत प्यार, मान-सम्मान दिया। हां, वहां काम करने का यह फायदा हुआ कि आज मैं तेलुगू अच्छी-खासी बोल लेती हूं। मैं खुद को आधी पंजाबी और आधी तेलुगू मानती हूं।

प्रश्नः आपने अजय देवगन और अक्षय कुमार के साथ लीड भूमिकाएं की हैं। क्या सीखा सीनियर्स से?

उत्तरः मैंने अजय देवगन, अक्षय कुमार और अमित जी से बहुत कुछ सीखा, लेकिन सीखने की यह प्रक्रिया मेरे अवचेतन मन में धीरे-धीरे शुरू हुई। अमित जी से अभिनय, एटिकेट्स, मैनर्स के अलावा इंसानियत के कई पहलुओं पर बहुत कुछ सीखा जा सकता है। अजय देवगन अपने कैरिअर के प्रतिबहुत फोकस्ड हैं , तो अक्षय कुमार बहुत अनुशासित हैं। मैंने इंडस्ट्री के बेस्ट अभिनेताओं के साथ काम किया, यह मेरी पर्सनल ग्रोथ के लिए बढ़िया रहा।

प्रश्नः फिटनेस के लिए क्या करती हैं?

उत्तरः फिजिकल फिटनेस जरूरी है, लेकिन आज के समय में मानसिक फिटनेस कहीं ज्यादा जरूरी है। मैं योग, जिम, वेट, कार्डियो के साथ वॉटर योग भी करती हूं। हर 4 महीने में एक बार वेलनेस रिजॉर्ट जाती हूं, जहां स्विमिंग, वॉटर योग, मेडिटेशन, सात्विक आहार लेती हूं और खुद को अगले काम के लिए मानसिक-शारीरिक रूप से तैयार करती हूं।