मैं मस्टरबेशन करते हुए बहुत जल्दी इजेकुलेट हो जाता हूं। शादी के बाद सहवास के समय ऐसा हुआ, तो मुश्किल हो जाएगी। क्या करूं? उत्तरः अगर आप हस्तमैथुन के दौरान चरम पर जल्दी पहुंच जाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि शादी के बाद पत्नी के साथ

मैं मस्टरबेशन करते हुए बहुत जल्दी इजेकुलेट हो जाता हूं। शादी के बाद सहवास के समय ऐसा हुआ, तो मुश्किल हो जाएगी। क्या करूं? उत्तरः अगर आप हस्तमैथुन के दौरान चरम पर जल्दी पहुंच जाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि शादी के बाद पत्नी के साथ

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मैं मस्टरबेशन करते हुए बहुत जल्दी इजेकुलेट हो जाता हूं। शादी के बाद सहवास के समय ऐसा हुआ, तो मुश्किल हो जाएगी। क्या करूं? उत्तरः अगर आप हस्तमैथुन के दौरान चरम पर जल्दी पहुंच जाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि शादी के बाद पत्नी के साथ

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प्रश्नः मैं 27 साल का हूं और 2 महीने बाद मेरी शादी होनेवाली है। मैं मस्टरबेशन करते हुए बहुत जल्दी इजेकुलेट हो जाता हूं। शादी के बाद सहवास के समय ऐसा हुआ, तो मुश्किल हो जाएगी। क्या करूं?

उत्तरः अगर आप हस्तमैथुन के दौरान चरम पर जल्दी पहुंच जाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि शादी के बाद पत्नी के साथ संबंध बनाते हुए भी आप शीघ्र स्खलित हो जाएंगे। हां, अगर ऐसा हो, तो उसकी वजह जान कर समस्या का उपचार हो सकता है। प्री-मैच्योर इजेकुलेशन की परेशानी से ग्रस्त पुरुषों को संबंध बनाने से 4 घंटे पहले पैरोक्सिटिन की 20 मि.ग्रा. की टेबलेट लेने से फायदा हो सकता है। आप क्लोमिप्रेमाइन की 10 या 20 मि.ग्रा. की गोली सेक्स से 6 घंटे पहले भी ले सकते हैं। ये गोलियां डॉक्टर की सलाह से ही लें।

प्रश्नः मेरी उम्र 30 साल है और मेरी शादी को 5 साल हो चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से मैं सहवास के बाद डिप्रेशन में चली जाती हूं। मेरा मन हर समय अन्यमनस्क सा रहता है। ऐसा क्यों हो रहा है? इसे कैसे दूर करें?

उत्तरः कई बार महिला में ख्वाहिश तो होती है, प्राइवेट पार्ट में लुब्रिकेशन भी होता है, सहवास में हिस्सा भी लेती है, लेकिन वह आखिरी मंजिल तक नहीं पहुंच पाती। पुरुष अपना काम निकल जाने के बाद मुंह फेर कर सो जाता है। किसी महिला के साथ बार-बार ऐसा होता रहे, तो वह मायूस हो जाती है। अकसर इसके लक्षण भी दिखायी देते हैं जैसे रात में नींद ना आना, देर से नींद आना, सुबह जल्दी उठ जाना, भूख ना लगना, हर बात में रुचि की कमी, सेक्स के लिए अनिच्छा, माहौल में उदासीनता, छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन होना आदि। ये सारे लक्षण डिप्रेशन के हैं। इस तरह के मामले में काउंसलिंग से फायदा हो सकता है। जरूरत पड़े, तो कुछ समय के लिए किसी साइकियाट्रिस्ट की निगरानी में एंटी डिप्रेसेंट दवाएं ले सकती हैं, ताकि एेसे माहौल से जल्दी मुक्ति मिल सके। पार्टनर भी थोड़ा ज्यादा टाइम महिला के साथ व्यतीत करे, उसे समझने की कोशिश करे।

प्रश्नः पत्नी के साथ थोड़ी देर फोरप्ले करता हूं, तो एक चिपचिपा पदार्थ पेनिस से बाहर आ जाता है और अंग में शिथिलता आ जाती है। फिर मैं पत्नी को संतुष्ट नहीं कर पाता। ऐसा क्यों होता है?

उत्तरः कई बार आदमी जब पसंदीदा पार्टनर को इरोटिक तरीके से देखता है, तो कॉपर्स ग्लैंड का स्राव बाहर आ जाता है। यह स्राव स्पर्म को प्रोटेक्ट करने के लिए स्रावित होता है। यह स्राव 55-60 की उम्र के बाद अपने आप बंद हो जाता है। आप अपना ध्यान उधर केंद्रित ना करें। जब भी महसूस हो कि स्राव आ रहा है, तो एक लंबी सांस लेने की कोशिश करें। इससे एंग्जाइटी कम हो जाएगी। एक-दो बार ऐसा करने में सफल हो जाएंगे, तो हर बार सफल होंगे। यह कोई बीमारी नहीं है, इसलिए दवा लेने की जरूरत नहीं है।

प्रश्नः दांपत्य में क्वॉलिटी टाइम क्या है?

उत्तरः बहुत सारे विवाहित दंपती शादी के कुछ वर्षों बाद आपसी प्रेम में कमी की शिकायत करते हैं। ऐसा संभवतया एक-दूसरे को ग्रांटेड लेने या संबंधों में एकसरता के कारण होता है। दंपती साथ रहते हैं, तो उनको लगता है कि वे हर पल साथ हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। घर के कामकाज, बच्चों की परवरिश, सामाजिक मेलजोल, आर्थिक मुद्दे उन्हें साथ नहीं रहने देते। ऐसे में जितना भी समय उन्हें खुद के लिए मिलता है, वह क्वॉलिटी टाइम हो, यह जरूरी है। एेसे पलों में बाकी बातें किनारे करके उन्हें अपने बारे में बात करनी चाहिए। डिनर के समय, मूवी में या लॉन्ग ड्राइव पर जाते हुए अपने लिए जिएं। कभी अचानक वीकेंड पर कहीं साथ चले जाएं। शादी पुरानी हो सकती है, पर रोमांस को तरोताजा रखना दंपती के हाथों में ही है। सुखद दांपत्य की चाह है, तो प्रेम व रोमांस के लिए समय निकालना जरूरी है।