जब आप किसी दूसरे देश में जाते हैं, तो आपको पहले वीजा अप्लाई करना पड़ता है। वीजा दरअसल किसी देश में प्रवेश करने की सरकारी अनुमति का दस्तावेज है। अगर किसी देश में आप घूमने जा रहे हैं, तो आपको ट्रेवल वीजा चाहिए और काम करने के लिए वर्क वीजा की जरूरत होती है। इसी तरह विदेश में पढ़ाई करने के लिए स्टूडेंट वीजा बहुत जरूरी है।

जब आप किसी दूसरे देश में जाते हैं, तो आपको पहले वीजा अप्लाई करना पड़ता है। वीजा दरअसल किसी देश में प्रवेश करने की सरकारी अनुमति का दस्तावेज है। अगर किसी देश में आप घूमने जा रहे हैं, तो आपको ट्रेवल वीजा चाहिए और काम करने के लिए वर्क वीजा की जरूरत होती है। इसी तरह विदेश में पढ़ाई करने के लिए स्टूडेंट वीजा बहुत जरूरी है।

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जब आप किसी दूसरे देश में जाते हैं, तो आपको पहले वीजा अप्लाई करना पड़ता है। वीजा दरअसल किसी देश में प्रवेश करने की सरकारी अनुमति का दस्तावेज है। अगर किसी देश में आप घूमने जा रहे हैं, तो आपको ट्रेवल वीजा चाहिए और काम करने के लिए वर्क वीजा की जरूरत होती है। इसी तरह विदेश में पढ़ाई करने के लिए स्टूडेंट वीजा बहुत जरूरी है।

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जब आप किसी दूसरे देश में जाते हैं, तो आपको पहले वीजा अप्लाई करना पड़ता है। वीजा दरअसल किसी देश में प्रवेश करने की सरकारी अनुमति का दस्तावेज है। यह अलग-अलग तरह का होता है। अगर किसी देश में आप घूमने जा रहे हैं, तो आपको ट्रेवल वीजा चाहिए और काम करने के लिए वर्क वीजा की जरूरत होती है। इसी तरह किसी विदेशी संस्थान में आपको तब तक प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जब तक कि आपके पास स्टूडेंट वीजा ना हो। अलग-अलग देशों में स्टूडेंट वीजा के लिए अलग औपचारिकताएं हैं।

अमेरिका

अमेरिका में पढ़ाई करने के लिए एफ-1 वीजा जरूरी है, जिसके लिए ये डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं-

सबसे पहले तो यह जरूरी है कि आप किसी सीईवीपी अप्रूव्ड स्कूल में एडमिशन लें। जब आप फीस जमा करवा देंगे, तो वहां से आपको फॉर्म आई-20 दिया जाएगा, जिसे भर कर आपको वीजा इंटरव्यू के समय जमा करवाना होगा।

वीजा एप्लिकेशन फॉर्म के साथ नॉन रिफंडेबल एप्लिकेशन फीस भरनी होगी। ऑनलाइन अप्लाई कर रहे हों, तो आपको डीएस-160 फॉर्म भरना होगा और इंटरव्यू के समय ले जाना होगा।

इंटरव्यू के समय इनकम प्रूफ देना होगा, जिससे यह पता चल सके कि आप एक साल का यूएस में रहने का खर्च उठा सकते हैं, जिसमें ट्यूशन फीस, किराया और रहने का खर्च शामिल हैं।

यूएस में पढ़ाई के लिए आपको टॉफेल या आईल्टिस टेस्ट पास करना होगा।

आई-20 फॉर्म की ओरिजिनल कॉपी, जिस स्कूल में आप एडमिशन लेना चाहते हैं, वहां से साइन किया हुआ सर्टिफिकेट ऑफ एलिजिबिलिटी और 10,800 रुपए फीस देनी होगी।

फॉर्म जमा कराने के बाद आपको वीजा एप्लिकेशन सेंटर में जा कर फिंगरप्रिंट्स और फोटो जमा करवानी होंगी और फिर यूएस एंबेसी में इंटरव्यू के लिए अपाइंटमेंट लेना होगा।

ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों को स्टूडेंट वीजा सबक्लास 500 के लिए अप्लाई करना होगा। वीजा लगने में 12 सप्ताह तक का समय लग सकता है, इसलिए समय रहते वीजा अप्लाई कर दें।

वीजा एप्लिकेशन के साथ आपको लगभग 30 हजार रुपए फीस जमा करवानी होगी।

पासपोर्ट, मेडिकल फॉर्म की कॉपी जमा करवाएं।

युनिवर्सिटी में एडमिशन के एनरोलमेंट का कंफर्मेशन फॉर्म के साथ जमा करवाना होगा।

आईल्टिस एग्जाम का रिजल्ट, जिसमें आपका वांछित प्रतिशत हो, साथ संलग्न करना होगा।

आपको यह प्रूफ देना होगा कि आप ऑस्ट्रेलिया में एक साल तक रहने का खर्च उठा सकते हैं।

अपने सारे एकैडेमिक सर्टिफिकेट और वर्क एक्सपीरियंस अगर है, तो आपको आवेदन के समय जमा कराने होंगे।

चीन

पिछले कुछ सालों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए चीन काफी लोकप्रिय हुआ है। यहां के स्टूडेंट वीजा के लिए आपको ये डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं-

आपके पासपोर्ट में 3 खाली पेज होने जरूरी हैं। वीजा अप्लाई करने की 6 माह की अवधि तक आपका पासपोर्ट वैध होना चाहिए।

अपने पासपोर्ट के आइडेंटिफिकेशन पेज की एक कॉपी वीजा एप्लिकेशन के साथ संलग्न करें।

जिस युनिवर्सिटी में एडमिशन मिला है, वहां से इन्विटेशन या एक्सेप्टेंस लेटर अटैच करें। साथ ही फॉरेन स्टूडेंट वीजा एप्लिकेशन फॉम भी भरना होगा।

अपने प्लेन टिकट की कॉपी या ई टिकट की कॉपी वीजा एप्लिकेशन के साथ जमा कराएं।

आपकी पासपोर्ट साइज फोटो, जिसका साइज एप्लिकेशन फॉर्म पर दिए दिशानिर्देशों के अनुसार हो और यह वाइट बैकग्राउंड पर ही खिंची होनी चाहिए।

अगर आपको 180 दिनों से ज्यादा चीन में रहना है, तो आपको फिजिकल एग्जामिनेशन का रेकॉर्ड भी संलग्न करना होगा।

चाइनीज एंबेसी में इंटरव्यू के दौरान आपको किसी भी इंटरनेशनल लैंग्वेज में बात करनी होगी, जिसमें आप अंग्रेजी चुन सकते हैं।